Delhi’s 5 famous historical  places in hindi    

Delhi’s 5 famous historical  places in hindi    

delhi historical places in hindi

दिल्ली भारत देश की राजधानी हैं| दिल्ली का जर्रा-जर्रा घुमने लायक हैं | दिल्ली में हर साल देश विदेश से करोडो लोग घुमने के लिए आते हैं| दिल्ली के धार्मिक स्थान हो या ऐतिहासिक ईमारत सभी आपका मन मोह लेते हैं| दिल्ली में घुमने के लिए बहुत सी जगह हैं| कोई व्यक्ति चाहे वह केरला से आये या आसाम से या देश-दुनिया के किसी भी कोने से आये दिल्ली में आते ही उसका यहाँ से जाने का मन नहीं करता हैं|

दिल्ली की इसी ख़ूबसूरती को देखते हुए हमारा बॉलीवुड भी दिल्ली की ख़ूबसूरती को अपनी फिल्मो में दिखता रहा हैं| दिल्ली में शूट की गयी कुछ फिल्मो के नाम हैं: रंग दे बसंती, पीके, 3 इडियट्स, दिल्ली 6, देहली बेली आदि बहुत सी सुपरहिट फिल्मे है जिनमे दिल्ली की इमारते दिखाई गयी हैं| यहाँ की सड़के हो या ऊंची-ऊंची इमारते हो सभी आपको अपनी ओर खीचती हैं|

दिल्ली में लगभग भारत देश के सभी राज्यों के लोग रहते हैं| दिल्ली का दिल बहुत बड़ा हैं, और इसमें सभी के लिए एक समान जगह हैं| भारत देश के अन्य सभी राज्यों में कहीं मराठावाद हैं, कहीं हरियाणा वाद हैं, कही राजस्थानवाद हैं और कहीं बिहार वाद हैं  लेकिन दिल्ली के दिल में तो इन सभी के बराबर जगह हैं|

इन सभी अच्छाई के बावजूद दिल्ली में अपराध भी बहुत हो रहे हैं| तो अगर आप दिल्ली में घुमने आये तो थोड़े से सतर्क रहे| थोड़ी सी सतर्कता से आप दिल्ली की सभी जगहों पर आसानी से घूम सकते हैं| दिल्ली में चोरी बहुत होती हैं| अगर आप मेट्रो या बस में यात्रा कर रहे हैं तो आप अपने सामान, पैसे और मोबाइल का ध्यान रखे क्योंकि किसी भी समय आपका मोबाइल आपकी जेब से गायब हो सकता हैं| लेकिन अगर आप सतर्क हैं तो आप इस तरह के हादसों के शिकार नहीं होते हैं|

जब भी आप दिल्ली आये तो इन पांच ऐतिहासिक इमारतो का भ्रमण जरूर करें|

लाल किला

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लाल किला को पांचवे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने साल 1638 में बनवाया था| लाल किला की ईमारत लाल पत्थर से बनायीं गयी थी| लाल किला को बहुत ही बड़े क्षेत्र में बनवाया गया था| लाल किला की दीवारों में शाहजहाँ के द्वारा हीरे जड़े गए थे| जब भारत पर अंग्रेजो ने कब्ज़ा कर लिया था तो यह सब हीरे अंग्रेजो ने लूट लिए थे| लाल किले के अन्दर से यमुना नदी बहती थी| आप अगर दिल्ली आये तो एक बार लाल किला जरूर देखे| बहुत ही सुन्दर ईमारत हैं| हर देश के लोग दूर-दूर से लाल किला को देखने आते हैं|

लाल किला मुग़ल बादशाह शाहजहाँ की नई राजधानी शाहजहानाबाद का महल था| शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली बदला था| लाल किला यमुना नदी के किनारे पर स्थित है|   लाल किले का अन्दर शाहजहाँ के द्वारा बहुत सी जगह बनायीं गयी थी, जो निम्नलिखित हैं|

नक्करखाना

शाहजहाँ ने संगीतज्ञो के लिए महल के मुखद्वार पर नक्कारखाना बनाया था|

दीवान-ए-आम

दीवान-ए-आम को जनता दरबार के लिए बनाया गया था|

नहर-ए-बहिश्त

मुस्लिमो के पवित्र ग्रन्थ कुरान में जिस जन्नत का जिक्र हैं| इस स्थान को उसी के अनुसार बनाया गया हैं |

जनाना

जनाना महिलाओ के प्रसाधन का स्थल है| इस स्थान पर सरोवर बने हुए थे जहाँ  पर नहर-ए-बहिश्त से पानी आता था|

खास महल

यह स्थान बादशाह का खास महल था| बादशाह इसी स्थान से जनता को दर्शन दिया करते थे| इसमें शाही कक्ष बने हुए थे|

दीवान-ए-खास

यह बादशाह के विश्राम का निजी कक्ष था| दीवान-ए-खास की दीवारो पर बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे|

मोती मस्जिद

मोती मस्जिद खुदा की इबादत करने के लिए बनायीं गयी थी| मोती मस्जिद में बादशाह नमाज अता  फरमाते थे|

जामा मस्जिद

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दिल्ली शहर में दरियागंज में जामा मस्जिद स्थित हैं| हर धर्मं के लोग जामा मस्जिद में घुमने के लिए आते हैं| यह एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद हैं| जामा मस्जिद का निर्माण भी शाहजहाँ ने किया था| यह मस्जिद लाल किले से थोड़ी सी दूरी पर ही थी| इस मस्जिद का निर्माण सन 1650 में शाहजहाँ ने बनवाया था| इस मस्जिद को बनने में 6 साल का समय लगा था| और उस समय लगभग 10 लाख रूपये का खर्च आया था| यह मस्जिद सफ़ेद, लाल और काले संगरमर पत्थरो से बनायीं गयी थी| जामा मस्जिद में 3 गुम्बंद और 2 मीनारे हैं|  

 

 

हुमायूँ का मकबरा

humayun ka makbara

हुमायूँ के मकबरे को उनकी पत्नी बानो बेगम ने उनकी मृत्यु के बाद सन 1562 में किया था| यह मकबरा अपनी ख़ूबसूरती के लिए बहुत ही मशहूर हैं| हुमायूँ का मकबरा पुराने किले के निकट मथुरा मार्ग के निकट स्थित है| इस मकबरे में हुमायूँ की कब्र के साथ-साथ अन्य कई राजसी लोगो की भी कब्र हैं| इस मकबरे को विश्व धरोहर घोषित किया गया है| हुमायूँ का मकबरा खूबसूरत बगीचों में बनाया गया एक अनूठा मकबरा हैं| इस ईमारत का निर्माण लाल और सफ़ेद बलुआ पत्थर से हुआ था|| कहते है आगरा का ताजमहल का निर्माण भी इस मकबरे के आधार पर ही किया गया था|  

 

 

अग्रसेन की बावली

agrsen ki bavli

अग्रसेन की बावली केन्द्रीय दिल्ली में स्थित हैं| इस बावली में एक बहुत ही गहरा कुआ और उस कुए से ऊपर की ओर लगभग 105 सीढियां हैं| इस बावली का निर्माण 14वी शताब्दी में महाराजा अग्रसेन ने बनवाया था| अग्रसेन की बावली बलुए लाल पत्थर से बनी हुई हैं|

 

 

 

क़ुतुब मीनार

kutub minar

क़ुतुब मीनार साउथ दिल्ली में महरौली में स्थित हैं| क़ुतुब मीनार विश्व की सबसे ऊँची मीनार हैं| इस मीनार की ऊंचाई लगभग 73 मीटर हैं| इस मीनार का निर्माण कुतुबुदीन ऐबक ने शुरू करवाया था| बाद में इल्तुतमिश ने इसे तीन मंजिल तक पूरा करवाया और इसके बाद फिरोजशाह तुगलक ने इस मीनार की पांचवी और अंतिम मंजिल बनवाई थी|  

 

आप जब भी भारत की राजधानी दिल्ली आये तो इन पांच ऐतिहासिक इमारतो को देखना कभी मत भूले|

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